
आज दिनांक 09.10.2026 को *श्री रामगोपाल गर्ग* पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा रेंज के पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा बैठक में रेंज के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक तथा रेंज के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण उपस्थित रहे। आईजी श्री गर्ग ने बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) महोदय द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन तथा थानों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त व पारदर्शी बनाने हेतु प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा कर निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए:
*प्रमुख समीक्षा बिंदु एवं जारी निर्देश:*
*थानों का भौतिक निरीक्षण एवं मालखाना जांच:* एसडीओपी/सीएसपी थानों का भ्रमण व निरीक्षण करें तथा भ्रमण रिपोर्ट मौके पर ही हस्तलिखित तैयार करें।▪️*वार्षिक निरीक्षण* के दौरान मालखाने (Property Room) का बारीकी से मिलान किया जाए। जब्त माल एवं केस प्रॉपर्टी की ‘चैन ऑफ कस्टडी’ सही पाई जानी चाहिए ताकि माल मिसमैच या गायब होने की घटनाओं पर पूर्ण रोक लग सके।▪️समस्त राजपत्रित अधिकारी अपनी दैनिक डायरी (Daily Diary) अनिवार्य रूप से संधारित करेंगे।*मौके पर सुपरविजन एवं क्राइम रिव्यू एप्लीकेशन (CRA):*▪️गंभीर/sensational अपराधों एवं मर्ग जांच के दौरान अधिकारी केवल औपचारिकता न निभाएं, बल्कि मौके पर जाकर विवेचकों को मार्गदर्शन दें। हस्तलिखित सुपरविजन नोट तैयार कर केस डायरी का आंतरिक हिस्सा बनाएं तथा इसे Crime Review Application (CRA) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।*आम जनता से शालीन व्यवहार व ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति:*▪️थानों में शिकायत लेकर आने वाले आम नागरिकों व पीड़ितों के साथ पुलिस का आचरण आदर सूचक होना चाहिये ▪️कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायतों की प्राथमिक व विभागीय जांच निष्पक्ष रूप से की जाए। ▪️लंबित स्थायी वारंटों के शत-प्रतिशत तामीली हेतु विशेष अभियान जारी करने हेतु निर्देश दिये गये।*नारकोटिक्स (NDPS) मामलों की निष्पक्ष विवेचना:*▪️एनडीपीएस प्रकरणों में दोषमुक्ति (Acquittal) रोकने हेतु धारा 50 का कड़ाई से पालन किया जाए। कम से कम 25% से 50% मामलों में ANTF प्रभारी/राजपत्रित अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पंचनामा व जब्ती की कार्यवाही अपनी देखरेख में कराएंगे। वाहन मालिकों को आरोपी बनाने से पहले उनकी संलिप्तता का सबूत जुटाएं और वाहनों को विधिवत राजसात करें।

▪️सड़क सुरक्षा, e-DAR एवं दुर्घटना मामलों की जांच: सड़क दुर्घटना की स्थिति में e-DAR पोर्टल पर मौके से ही तत्काल डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए।फर्जी इंश्योरेंस क्लेम और चालक बदलने जैसे कृत्यों को रोकने हेतु दुर्घटना प्रकरणों में वाहन चालक का टावर लोकेशन एवं घटनास्थल का CCTV फुटेज अनिवार्य रूप से जब्त किया जाए।*मर्ग जांच, जीरो मर्ग ट्रांसफर एवं FIR निष्पादन:* मर्ग जांच में अपराध घटित होना पाए जाने पर बिना विलंब एफआईआर दर्ज की जाए। अस्पतालों/चौकियों में कायम ‘जीरो मर्ग’ की डायरी तत्काल संबंधित थानों को भेजी जाए। थाना प्रभारी (SHO) स्वयं एफआईआर की धाराओं का बारीकी से अध्ययन कर सही धाराएं (विशेषकर महिला संबंधी अपराधों में) लागू करें और स्वयं हस्ताक्षर करें।*आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण (Bail Cancellation)* : यदि कोई आदतन अपराधी जमानत पर बाहर आने के बाद पुन: अपराध कारित करता है, तो पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय में उसकी जमानत निरस्त (Bail Cancellation) कराने हेतु तत्काल आवेदन प्रस्तुत किया जाए।*विभागीय एवं प्राथमिक जांचों का समयबद्ध निपटारा* : जांच अधिकारी (SDOP/CSP) स्वयं विभागीय एवं प्राथमिक जांचों का प्रार्थी/गवाहों के कथन दर्ज करें तथा लंबित जांचों का समयसीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जाए।*हाई कोर्ट एवं पुराने प्रकरणों का विशेष एक्शन प्लान:* 01 वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों तथा माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु अनुभागवार एक्शन प्लान बनाकर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।*आईजी श्री गर्ग का संदेश:* – *पुलिस की कार्यप्रणाली में अनुशासन, गुणवत्ता और त्वरित न्याय ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है; दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही ना बरतने की हिदायत सभी राजपत्रित अधिकारीयों को दी गयी है.



