

जशपुर.21 जून.(रमेश शर्मा)
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार के युवक युवतियों को बीते दो महिने से नियमित रूप से योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मंगलवार को अन्तराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पहाड़ी कोरवा परिवार के लोगों ने अपनी योग कला का शानदार प्रदर्शन किया. अजाक विभाग के योग शिविरों में निरोग और स्वस्थ्य रहने की कला को सीखने वाले युवक युवतियां अपने योग प्रशिक्षण से काफी उत्साहित दिखाई दे रहे थे. बुजुर्ग पहाड़ी कोरवाओं का कहना था कि योग प्रशिक्षण की बदौलत उन्हें नशामुक्ति में भी मदद मिलेगी.
अजाक विभाग के सहायक संचालक बी.एस.राजपूत का कहना था कि योग प्रशिक्षण के शिविर पहाड़ी कोरवाओं के जीवन में लाभदायक सिद्ध होंगे.

दरअसल, इससे पहले तीर धनुष लेकर शिकारी और घुमंतु जीवन व्यतित करने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार के बुजुर्ग लोग भी योग कला से बेहतर अनुभव कर रहे हैं. इन शिविरों में भाग लेने वाले एक हजार युवक युवतियां आपने आसपास के अन्य लोगों को नशे जैसी बुराई से दूर रहने की समझाइश दे रहे हैं.

अजाक विभाग ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं के तहत जशपुर जिले में 13 स्थानों पर नियमित रूप से योग शिविरों का आयोजन की शुरुआत की है.
इससे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार के युवक युवतियां भी निरोग और स्वस्थ्य रखने की इस योजना को काफी लाभप्रद बता रहे हैं.
जशपुर जिले के दूरस्थ गांवों में संचालित इन योग शिविरों से पहाड़ी कोरवा परिवार के एक हजार से अधिक युवक युवतियों का उत्साह देखते ही बनता है.
आदिम जाति विभाग के सहायक संचालक श्री राजपूत का कहना है कि इन योग शिविरों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं को नशे की आदत से दूर रखने में काफी मदद मिली है.
इन शिविरों में प्रशिक्षित युवक युवतियों को गांव में छोटे छोटे योग शिविर का संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है.





