

डिबेट में ओपी चौधरी विकास उपाध्याय आमने सामने
रायगढ :-हेलीकाप्टर के जरिये प्रदेश के सभी विधान सभा के दौरे में निकले मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की जन चौपाल में एक युवती के सवाल पर भड़क जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है l इस सबंन्ध का वीडियो ओपी ने सोशल मीडिया से जारी करते हुए कहा कि सवाल सुनकर शालीनता से जवाब देने की बजाय भड़कना सरकार की हताशा का प्रमाण है l सरकार अहंकार में डूबी हुई है l महिला मोर्चा ने युवती के अपमान को नारी अस्मिता से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया l प्रदेश भाजपा का ट्विटर हैंडल में यह मामला आठवे नंबर पर रहा ल3 शाम तक मुख्यमंत्री ने इस व्यवहार के लिए क्षमा याचना करते हुए घटना को झूठ बताया और इसे भाजपा की हताशा से भी जोड़ा l मामले को तूल पकड़ते देख प्रदेश के निजी चैनलों में पंचायती शुरू हो गई l डिबेट में ओपी से सवाल पूछा गया कि भारी गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जइब
90 विधान सभा का दौरा कर रहे है l जनता का काम नही करने वाले लापरवाह अधिकारीयो पर कार्यवाही कर रहे l स्कूली बच्चो को मोटिवेट कर हेलीकाप्टर में उड़ा रहे l सरकार के कार्यो की समीक्षा करने के बावजूद भाजपा ज़ुबानी हमला क्यो कर रही l भाजपा नेता ओपी ने कहा कि साढ़े तीन साल में एक काम सबसे अधिक किया है वो है तबादला l अब तो ट्रांसफर उद्योग का रूप ले चुका है l
तबादला के नाम पर अधिकारियो से जमकर वसूली हो रही है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा l साढ़े तीन साल तक जम कर भ्रष्टाचार करने वाली सरकार को अपनी जमीन खिसकने का आभाष हुआ तब दौरे की नोटंकी शुरू की गई lमुख्यमंत्री के साथ रहने वाले अधिकारीयो का रिकॉर्ड सभी जान रहे है l छोटे छोटे पटवारीयो को दिखावे के लिये निलंबित किया जा रहा है जबकि भ्रष्टाचार के इस तालाब में बड़ी मछलियां भी है l कल पूरे प्रदेश के लोगो ने देखा कि कैसे मुख्यमंत्री जी ने सार्वजनिक रूप एक शिकायत कर्ता युवती को धमकाया गया l सरकार के सर पर अहँकार चढ़ कर बोल रहा है l
एक सम्मानीय बहन द्वारा न्याय मांगे जाने पर मुख्यमंत्री जी द्वारा इस तरह से भड़कना स्वीकार्य नही हो सकता l जनता की आवाज को इस तरह से तमाशा बोलकर दबाना लोकतांत्रिक मूल्यो के ख़िलाफ़ है l ए लड़की नेतागिरी कर रही तमाशा बन्द करो इस तरह की शैली पूरी नारी जाति के लिए अपमान है l पुलिस के भ्रष्टाचार को महिला शालीनता से अपना पक्ष रखना चाहती थी लेकिन उसे भड़कर जवाब देना आम जनता को सीधे तौर पर धमकी देने के समान है l घोषणा पत्र के वादे के अनुसार बेरोजगारी भत्ता नही मिल रहा नियमितीकरण नही हो रहा पेंशन नही मिल रहा l चुनाव आ रहा तो जनता जनार्दन की याद आ रही है l सवाल तो पूछे जाएंगे l समस्याओ को सुनकर ये कैसी झल्लाहट है l जनता को जवाब तो देना हो होगा l





