Uncategorized

साझा संकलन काव्य सागर पुस्तक का हुआ विमोचन

सभापति जयंत ठेठवार के हाथों कलमवीर सम्मान से सम्मानित हुए साहित्यकार

रायगढ़, / बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय स्तर का साझा संकलन काव्य – सागर का भव्य विमोचन व सम्मान समारोह नंदबाग रायगढ़ में आयोजित किया गया था,इस कार्यक्रम का संयोजन, प्रधान संपादक कृष्ण शरण पटेल संपादक, धनेश्वरी देवाँगन “धरा”, सह- संपादक अजय पटनायक “मयंक” में द्वारा किया गया था तथा राकेश देवाँगन के सहयोग से यह कार्यक्रम पराकष्ठा तक पहुंचा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयंत ठेठवार , सभापति नगर निगम रायगढ़, अति विशिष्ट अतिथि गण के रूप शहर के अति सम्मानीय गणमान्य नागरिक जिसमें कलागुरु वेदमणि सिंह ठाकुर, पूर्व प्राचार्य अंबिका वर्मा, दिव्य शक्ति अध्यक्ष कविता बेरीवाल,मीना अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष मित्र कला समिति, पार्षद प्रभात साहू जी की उपस्थिति से मंच शोभायमान था।


कार्यक्रम दो पालियों में रखा गया था , प्रथम पाली में पुस्तक विमोचन व सम्मान समारोह तथा द्वितीय पाली में विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था, अजय पटनायक ने पूरे कार्यक्रम का शानदार सफल संचालन कर समां बाँध दिया।
प्रथम पाली में अतिथि गण निर्धारित समय पर सभागार में पधारे ,कार्यक्रम की शुरुवात में अतिथि गणों का स्वागत अभिनंदन पुष्प गुच्छ व हार से किया गया। तत्पश्चात अतिथि गण द्वारा माँ शारदे के तैलीय चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया।अमीषा

देवाँगन एवं आर्या मेहर ने अपने सुमधुर स्वर से वीणापाणि की वंदना की। उसके बाद दोनों बच्चों ने शास्त्रीय नृत्य के द्वारा मोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर पधारे सभी अतिथि गण एवं साहित्यकारों का मन मोह लिया। तत्पश्चात काव्य सागर पुस्तक के संपादिका तथा प्रधानसंपादक द्वारा उद्बोधन दिया गया जिसमें उन्होंने साझा संकलन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया। तत्पश्चात विमोचन की बेला आ गयी जिसका सभी को बेसब्री इंतजार था। मंचासीन अतिथि गण के करकमलों से पुस्तक का विमोचन हुआ। मुख्यअतिथि के रूप में पधारे शहर के गणमान्य नागरिक जयंत ठेठवार ने कहा कि साहित्य सहयोग हेतु समर्पित रहूँगा। इंसान को भगवान उसके कर्म बनाते हैं…. कला गुरु वेदमणि सिंह ठाकुर के मुखारविन्द से निकली अमृतवाणी । अंबिका वर्मा ने अपने

व्यक्तव्य में कहा कि कवियों के भाव उनके सृजन में जिंदा रहते हैं। कविता बेरीवाल ने कहा कि रायगढ संस्कार एवं कला की नगरी है यहाँ कवियों का सम्मान होना ही चाहिए।
प्रभात साहू जी ने कहा उन्हें आज का कार्यक्रम में उपस्थित होकर कुछ अलग ही अनुभूति हो रही है। हम बचपन में कविता पढ़ते थे , आज बचपन याद आ गया। मीना अग्रवाल जी ने अपने उद्बोधन में रायगढ़ कला ओर संस्कृति की नगरी है,,, यहां काव्य सागर का विमोचन करके उस संस्कृति को पुनर्जवित कर दिया।
अतिथियों के उद्बोधन के पश्चात साझा संकलन में सम्मिलित सभी कलमवीरों को जो कार्यक्रम में उपस्थित थे उन्हें अतिथियों के हाथों स्मृति चिह्न ,शाॅल , प्रमाणपत्र व पुस्तक से सम्मानीत किया गया। इसप्रकार प्रथम पाली का समापन आनंदपूर्वक संपन्न हुआ।
भोजनावकाश के बाद द्वितीय पाली का प्रारंभ पधारे सभी कवि कवयित्रियों के स्वरचित काव्य पाठ से हुआ। जिसमें देश प्रान्त से आये सभी साहित्यकार ने अपने मनोभाव को वयक्त किया ,जिसमें मंजरी गुरु, गीता उपाध्याय, रुकमणि सिंह ठाकुर, सुधा देवाँगन, आशा मेहर, साधना मिश्रा,उषा पाँडे,सुशीला साहू, आरती मेहर, रजनी वैष्णव ,गुलशन खम्हारी, इन्दू साहू, केशिका साहू, अरविन्द सोनी, डाॅ दीलिप गुप्ता, संतोष पैंकरा,कृष्णा पटेल, लीशा पटेक, आकाश बारीक, सोनल पसाईत,जयंती पटेल, पुष्पा पटनायक, राधारानी पाँडे, उर्मिला सिदार, सरीता नायक, वर्षा सिंह, गिरधारी चौहान, अनुपम कुमार, सुखमती चौहान,निर्भय गुप्ता , क्षितिज श्याम सिंह, दीपक महापात्रे,
सुखदेव सिंह राठिया,राकेश बंजारे, पुरुषोत्तम गुप्ता, के.एल.गुप्ता,उर्वशीतिवारी,अंजय कुमार, उषाकिरण श्रीवास,सोनू बरेठ, प्रदीप दास, आनंद सिंघनपुरी, फारूख मोहम्मद साथ कार्यक्रम में पधारे अनेक कवि कवयित्रियों ने अपने सुमधुर स्वर से काव्य पाठ किया। यह कार्यक्रम सखी साहित्य परिवार जिला‌ इकाई रायगढ़ के सौजन्य से किया गया।

WhatsApp Image 2024-01-20 at 23.42.49_7da1af9d
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
BREAKING