
रायगढ़। जिला कांग्रेस रायगढ़ शहर के महामंत्री वसीम खान ने भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन एवं जनता का ध्यान देश के वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज राहुल गांधी पर हमला इसलिए कर रही है क्योंकि राहुल गांधी देश के करोड़ों छात्रों, बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों की आवाज बनकर लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं।वसीम खान ने कहा कि आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा किसी विपक्षी नेता पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि युवाओं का भविष्य बचाना है। पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज भी लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं। करोड़ों पढ़े-लिखे युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं।उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भाजपा शासित राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास बुरी तरह तोड़ा है। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती, आरओ/एआरओ सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रहीं और परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। गुजरात में जूनियर क्लर्क, हेड क्लर्क तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। हरियाणा में HSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे। उत्तराखंड में UKSSSC भर्ती घोटाले ने पूरे देश को झकझोर दिया। मध्यप्रदेश में व्यापमं घोटाले के बाद भी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर प्रश्न उठते रहे। इन घटनाओं ने केवल परीक्षाएं प्रभावित नहीं कीं, बल्कि लाखों युवाओं की मेहनत, समय और उनके परिवारों की वर्षों की कमाई पर भी गहरा आघात पहुंचाया।वसीम खान ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर NEET-UG और UGC-NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं पर उठे सवालों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी गंभीर चोट पहुंचाई। देशभर में छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। आज भी हजारों छात्र और अभिभावक यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब परीक्षा प्रणाली पर इतने गंभीर प्रश्न उठे हैं, तब जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक का मुद्दा शुरुआत से ही संसद के भीतर और बाहर मजबूती से उठाया। उन्होंने लगातार कहा कि जब करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर हो, तब केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का हर लोकतांत्रिक प्रयास किया।वसीम खान ने कहा कि जब संसद के भीतर पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर विपक्ष लगातार जवाब मांग रहा था, तब सरकार की ओर से युवाओं की चिंताओं का संतोषजनक समाधान सामने नहीं आया। ऐसे में राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर यह संदेश दिया कि देश के युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व सरकार से सवाल पूछना है और जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि यदि सरकार संसद में जवाब नहीं देती, यदि छात्रों की मांगों पर गंभीर चर्चा नहीं करती, यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं करती और यदि युवाओं के आंदोलन को भी गंभीरता से नहीं सुनती, तो विपक्ष आखिर अपनी बात किस मंच पर रखे? लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और सरकार से जवाब मांगना कोई अपराध नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।वसीम खान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा इस कदर कमजोर हुआ कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था अपनानी पड़ी तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता लेनी पड़ी। यह स्थिति अपने आप में बताती है कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर देश में कितनी गंभीर चिंता पैदा हो चुकी थी। सरकार को यह सोचने की आवश्यकता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों हुई।उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भर्ती में देरी और लगातार बढ़ती अनिश्चितता ने लाखों छात्रों को मानसिक तनाव और निराशा में धकेल दिया। देश ने ऐसी कई दुखद घटनाएं देखीं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चिंता से जूझ रहे छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी। यह किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का दर्द है। ऐसे समय में सरकार से संवेदनशीलता, जवाबदेही और ठोस सुधारों की अपेक्षा थी।उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य की रक्षा के लिए दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें रोकने, हिरासत में लेने और विरोध प्रदर्शनों पर नियंत्रण की खबरें सामने आईं। इससे छात्रों में यह संदेश गया कि उनकी चिंताओं को सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र में असहमति को स्थान मिलना चाहिए और युवाओं की आवाज का सम्मान होना चाहिए।वसीम खान ने कहा कि भाजपा आज राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले इसलिए कर रही है क्योंकि वह युवाओं के असली सवालों से बचना चाहती है। यदि छात्रों के भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और जवाबदेही की मांग उठाना भाजपा की नजर में राजनीति है, तो यह देश के करोड़ों छात्रों और बेरोजगार युवाओं के संघर्ष का अपमान है।उन्होंने भाजपा से पूछा—हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा कहां गया?लाखों रिक्त सरकारी पदों पर नियुक्तियां कब होंगी?पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा?केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अब तक इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया?छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को गंभीरता से क्यों नहीं सुना गया?युवाओं के भविष्य पर सरकार खुलकर जवाब क्यों नहीं दे रही?अंत में वसीम खान ने कहा कि भाजपा को राहुल गांधी पर आरोप लगाने से पहले अपने 12 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड देश के युवाओं के सामने रखना चाहिए। आज का युवा भाषण नहीं, जवाब चाहता है; जुमले नहीं, रोजगार चाहता है; पेपर लीक नहीं, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहता है; और सत्ता का अहंकार नहीं, जवाबदेह सरकार चाहता है। कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों की आवाज पहले भी थी, आज भी है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।जारीकर्तावसीम खानमहामंत्रीजिला कांग्रेस रायगढ़ शहर



