

रायपुर – नेपाल की धरती पर आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में इस बार छत्तीसगढ़ की आवाज गूंज उठी। इंडो-नेपाल टूरिज्म डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा आयोजित “अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार 2026” से प्रदेश के तेजतर्रार और बेबाक पत्रकार बिप्लव दत्ता को सम्मानित किया गया। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस पत्रकारिता की जीत है जो सच के लिए खड़ी होती है और समाज के लिए लड़ती है।
5 अप्रैल 2026, रविवार को नेपाल में आयोजित इस गरिमामय समारोह में भारत और नेपाल के कई प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, बुद्धिजीवी और सांस्कृतिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-नेपाल के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को और मजबूत करना था। लेकिन इस मंच पर सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की रही, वह था बिप्लव दत्ता।
रायपुर जिले के माना कैम्प से निकलकर अपनी तेज लेखनी और निर्भीक पत्रकारिता के दम पर पहचान बनाने वाले बिप्लव दत्ता को यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और समाज के प्रति समर्पित सेवाओं के लिए दिया गया। उनकी रिपोर्टिंग न केवल स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाती रही है, बल्कि कई बार प्रशासन को भी कार्रवाई के लिए मजबूर किया है।
समारोह के दौरान जब बिप्लव दत्ता को मंच पर बुलाया गया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आयोजकों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां पत्रकारिता पर कई तरह के दबाव हैं, वहां कंवले जैसे पत्रकार उम्मीद की किरण हैं, जो बिना डरे सच को सामने लाते हैं।
यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया गया है, जहां कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। ऐसे मंच पर छत्तीसगढ़ के एक पत्रकार का सम्मानित होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। दत्ता की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो राजधानी से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है।
कार्यक्रम में भारत और नेपाल के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने और सामाजिक संगठनों के सहयोग को नई दिशा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। बिप्लव दत्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और सही दिशा दिखाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भारत-नेपाल के रिश्तों को और मजबूत बनाने में मीडिया की भूमिका को अहम बताया।
इस सम्मान के बाद रायपुर स्थित माना कैम्प सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। स्थानीय पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने बिप्लव दत्ता को बधाइयां दी हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी उपलब्धि जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे “छत्तीसगढ़ की जीत” बता रहे हैं।
साफ है कि दत्ता का यह सम्मान उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो सच की राह पर चलने का साहस रखते हैं। यह सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं, बल्कि उस जज़्बे की पहचान है जो हर हाल में सच को सामने लाने के लिए तैयार रहता है।





