
रायगढ़:- रायगढ़ के पिछले ५ सालों २०१८ से २०२३ तक स्वयं प्रकाश और पहले २००८ से २०१३ तक उनके पिता शक्राजीत विधायक रहे, इससे पहले १९९० से १९९३ व १९९८ से २००३ तक शक्राजीत भाजपा से और २००३ से २००८ तक कांग्रेस से सरिया के विधायक रहे जो रायगढ़ का लगभग आधा क्षेत्र होता है. शक्राजीत १९८० से लगातार सरिया से चुनाव लड़ते रहे है. इतने वर्षों तक रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पुरे या आधे की विधायकी के बावजूद बड़ा ही सोचनीय विषय है की रायगढ़ आज सरिया समेत पूरी तरह से बदहाल है न रोड है, न शिक्षा के साधन है, न चिकित्सा सुविधा है, न यातायात व्यवस्था है, न व्यवस्थित बाजार है, न कोई स्वच्छ पर्यावरणीय पार्क है, न युवाओ को कोई रोजगार है, चारों ओर केवल कालस है, काला धुँआ है धुल है और बिमारियों का अम्बार है लोग किसी भी हालत में खुश नहीं है बस जैसे तैसे जिये जा रहे है. जबकि रायगढ़ से प्रति माह कम से कम १००० करोड़ का राजस्व प्रदेश और केंद्र सरकारों को जाता है. क्या कारण है की रायगढ़ का इतना दोहन होने के बाद भी इतना बदहाल है, क्यों रायगढ़ का कोई भी विकास नहीं हो रहा है, सीधा सीधा जबाब है हमारा जनप्रतिनिधि लापरवाह है बेजुबान है अज्ञानी है अँधा बहरा है विकास विरोधी है लायक नहीं है जानकार नहीं है जनसेवी नहीं है कुल जमा दमदार नहीं है फिसड्डी है. अगर ऐसा नहीं है तो फिर रायगढ़ का विकास क्यों अवरुद्ध है क्यों रायगढ़ पिछड़ा हुआ है. रायगढ़ की राजनीति की यह परंपरा रही है यह रिवाज रहा है की जनप्रतिनिधि जब जब अक्षम अकुशल नालायक साबित हुए है जनता ने उन्हें बदल दिया है. यही कारण है की रायगढ़ में १९९८ में कृष्ण कुमार गुप्ता कांग्रेस २००३ में विजय अग्रवाल भाजपा २००८ में शक्राजीत नायक कांग्रेस २०१३ रोशनलाल भाजपा २०१८ प्रकाश नायक कांग्रेस पिछले पांच चुनावो में बारी बारी से जनता ने अपना मत परिवर्तित किया और एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा को जिताया और यह रिवाज बनाया की इस बार भाजपा तो अगली बार कांग्रेस. इसी कड़ी में जनता हर जनप्रतिनिधि को पांच साल का पूरा पूरा मौका देती है फिर असंतुष्टि के कारण अगली बार बदल देती है. इस बार भी कमोबेस यही स्थिति है रायगढ़ की वस्तुस्थिति और दुर्दशा साफ दिखाई दे रही है सीधे सीधे यह इंगित कर रही है की जनता फिर जनप्रतिनिधि बदलेगी क्योंकि जनता किसी भी रूप में संतुष्ट या खुश नहीं है बल्कि बुरी तरह से परेशान है जनता का हाल बेहाल है.
इस बार जनता के सामने भाजपा ने पूर्व कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी को प्रत्याशी बनाया है जो ४२ साल का युवा है और जिसे १३ वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है, आम आदमी है गाँव का कृषक है, जनसेवा और विकास हेतु अनुभव के साथ तत्पर है रायगढ़ के विकास के लिए योजनायें बनाई है कुछ करने के लिए उत्सुक है, छत्तीसगढ़ का प्रथम आईएएस है, जनता और शासन के साथ काम करने का अनुभव है, रायगढ़ की मुलभुत जरूरतों को समझता है उनको पूरा करने की मंशा रखता है, प्रशासनिक सेवा छोड़ कर सीधे जनसेवा के उद्देश्य से राजनीति में आया है, आनन फानन में २०१८ में खरसिया से चुनाव भी लड़ा राजनैतिक अनुभव की कमी और कांग्रेस की लहर के कारण हार गया, युवाओ की कक्षाएं लेकर शिक्षा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, करियर कौन्सिलिंग करता है, भाजपा पार्टी का महामंत्री बनकर पुरे प्रदेश में पार्टी का काम कर रहा है, पिछले पांच सालों से रायगढ़ के हर मुद्दे में जनता के बीच खड़े होकर राजनैतिक अनुभव लेकर पुनः रायगढ़ से चुनाव लड़ रहा है, कुछ कर गुजरने की उम्मीद लिए जनता से सहयोग चाहता है.
कुल जमा देखना है रायगढ़ की जनता अयोग्य जनप्रतिनिधि को बदलने का अपना रिवाज कायम रखती है या अपना मिजाज बदलती है.
आज चुनाव है आप सब अपने भले के लिए मतदान अवश्य करे.





