
रायगढ़….डॉ. आर. एल. हॉस्पिटल 2005 से ही अनवरत अपने मरीजों को विश्वनीय सुविधा के लिए वचनबद्ध है l अस्पताल मे हमेशा मरीजों को श्रेष्ठ सुविधा देने का प्रयास किया गया है l व अस्पताल दिन प्रतिदिन अपनी चिकित्सा सेवा को बेहत्तर करने का प्रयास करता रहा है l व मरीजों के विश्वास पर हमेशा खरा उतरा है l अस्पताल कम खर्च मे बेहत्तर सुविधा के लिए कटीबद्ध है l वही अस्पताल जिले के चिकित्सा जगत मे नित नये आयाम रच रहा है l इसी कड़ी मे फिर 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला के कूल्हे की हड्डी का सफल ऑपरेशन कर उसे नया

जीवन दिया है l .।……………………………….. क्या कहते है डॉ….. इस सम्बन्ध मे डॉ आर. एल. हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ व जॉइंट रीप्लेसमेंट सर्जन डॉ प्रशांत ने बताया की 90 वर्षीय महिला ( नाम न छापने के शर्त पर ) गिरने के वजह से कूल्हे की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी थी l महिला असहनीय दर्द से ग्रसित थी l डॉक्टर ने महिला का तात्कालिक ईलाज कर भर्ती करने की सलाह दी lइस तरह के जटिल चोट जो बिना ऑपरेशन के ठीक नहीं हो सकते अमूमन ऐसे परिस्थिति मे उम्रदराज महिला का ऑपरेशन भी नहीं किया जा सकता है l लेकिन ऐसे कठिन परिस्थिति मे भी अपने स्वविवेक का परिचय देकर महिला के परिजनों को शल्य क्रिया की स्थिति के बारे मे बताकर 90 वर्षीय महिला के कूल्हे के हड्डी का सफल ऑपरेशन ( गोला बदलकर ) महिला को नया जीवन दिया l ऑपरेशन पश्चात् महिला 3 दिन मे ही चलने फिरने मे समर्थ है l व पूरी तरह स्वस्थ है l व हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुकी है

l……………….. क्या है हेमिऑर्थोप्लास्टि…….. हेमिऑर्थोप्लास्टि शल्य क्रिया की एक प्रक्रिया है जिसमे कूल्हे की क्षतिग्रस्त हड्डी को निकालकर उसके स्थान पर एक कृत्रिम जोड़ लगाया जाता है l इस प्रक्रिया मे क्षतिग्रस्त जाँघ की हड्डी ( फिमर ) के सिर को एक इम्प्लांट के माध्यम से बदल दिया जाता है l जो कूल्हे के कार्य बहाल करता है l व फिमर को स्थिर करता है l इस तरह के ऑपरेशन 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति जिनका कूल्हे की हड्डी टूट जाती है.. उनको किया जाता हैl……. कैसे बचे…..

बुजुर्ग महिलाओं मे हड्डी टूटने की सबसे बड़ी वजह ओस्टेरोपोरोसीस है l याने की हड्डियों मे कैल्शियम की कमी से हड्डी कमजोर व चाक की तरह हो जाती है l जिससे सामान्य चोट मे हल्का गिरने पड़ने से हड्डी तुरंत टूट जाती है l……………. लें डॉक्टर की सलाह………50 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं को डॉक्टर के सलाह से नियमित रूप से कैल्शियम और विटामिन D की गोली लेनी चाहिए l व आवश्यक जाँच और परिक्षण जैसे बोन डेंसिटी टेस्ट कराना चाहिए इसी तरह इस रोग से बचा जा सकता है l





