
रायगढ़! धान की खरीदी में नए बारदानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है पर उसको भी रायगढ़ डीएमओ कार्यालय के द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के निर्धारित मापदंड से अलग हटकर घटिया स्तर के बारदानों की सप्लाई ली गई जिससे किसानों के वृहद नुक़सान हुआ तो पीड़ित किसानों ने आवाज जिला प्रशासन,रायगढ़ के समक्ष उठाई पर जिला प्रशासन,रायगढ़ की कार्यवाही से किसान अनभिज्ञ ही रहे जो कि महीने गुजर गए पर आज भी जांच भ्रष्ट्राचारियों से मिलों दूर है। रायगढ़ बचाओ लड़ेंगे रायगढ़ के विनय शुक्ला,डी.डी.शुभंकर, संतोष यादव,आदर्श श्रीवास , सुरेंद्र पटेल,अज्ञात मल्होत्रा, संजय देवांगन,जयप्रकाश प्रधान,आतिश अली,मुजीब अहमद,ईनाम सिद्दिकी,तिजेश जायसवाल,ऋषभ मिश्रा,अभिषेक चौहान,मो शमशाद,कामरेड शेख कलीमुल्ला, संजय देवांगन,मनोज सागर,मनोज साहू,अजय तिग्गा,अनिल चीकूआदि ने आज डीएमओ (मार्केटिंग),रायगढ़ के कार्यालय के सामने सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया इसमें आरोप लगाया गया कि जिस कार्यालय के समस्त अधिकारियों की जिम्मेदारी में धान खरीदी वर्ष 2025-26 के खरीफ वर्ष के तहत खरीदी किया गया था उसमें आपसी मिलीभगत कर इस विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने बड़ा खेल कर दिया। सभी ने मिली बेहद भगत कर नया बारदानों के नाम से घटिया बोरों की सप्लाई ली गई और इस बारदाने का वजन 500 ग्राम पाई गई।

इन प्राप्त घटिया बारदानों के नाम से पूरे रायगढ़ जिले में 600 ग्राम धान किसानों से लिया गया मतलब कि 100 ग्राम धान अग्रहा जबरन वसूली की गई। जिसकी शिकायत संस्था ने 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर रायगढ़ से किया था। इस पर बारदाना घोटालों के आरोपियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही और समय रहते जांच नहीं होने के कारण ये इनके हौसले और बुलंद हो गए और बेधड़क खुले आम घूम रहे है। 2 करोड़ 52 लाख लगभग बारदानों में धान लिया जिसका शासकीय रेट 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल था जिसमें 100 ग्राम धान की कीमत 3 रुपए प्रति बोरा अवैध वसूली और कुल नए 2 करोड़ 52 लाख बार दानों में लिया गया मतलब लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपए के धान की अवैध वसूली किसानों से खुले आम हुई जो कि डी.एम.ओ (मार्केटिंग), रायगढ़ कार्यालय के सरपरस्ती में हुआ। पहले भी बारदानों की रकम इस कार्यालय के कर्मचारियों ने अपने पहचान के बैंक अकाउंट में डाल कर निकाल कर घोटाला किया जब पीड़ितों ने इसकी शिकायत की तो इन भ्रष्ट कर्मचारियों को पुलिस कार्यवाही से बचाने के लिए उनसे धीरे – धीरे वसूली कर वास्तविक पीड़ितों को दिया जा रहा है जो प्रशासनिक दबाव में एफआईआर नहीं करवा पा रहे हैं जबकि यह कार्यवाही त्वरित रायगढ़ डीएमओ(मार्केटिंग) जान्हवी जैन को करवाना चाहिए। इस कार्यालय से पिछले 8 वर्षों के नए बारदानों का रजिस्टर भी गायब है जो कि गंभीर जांच का विषय है। रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ के विनय शुक्ला आदि ने आज जिला विपणन कार्यालय,रायगढ़ के सामने अपने किसान साथियों के साथ सांकेतिक रूप से प्रदर्शन किया और नारे बाजी की के साथ आरोप लगाया कि जब डीएमओ मार्केटिंग कार्यालय के अधिकारियों की सरपरस्ती में धान खरीदी के खरीफ वर्ष 2025-26 में खुले आम प्रताड़ित और परेशान कर करोड़ों रुपए का आग्रहा धान लिया और जुट मिलों से नए बार दानों के नाम से घटिया बारदानों को लेकर करोड़ों के घोटाला किया गया । सरकार इन दोषियों के खिलाफ जांच करने के बजाय उन्हें धान खरीदी केंद्र में हुई घोटाले की जांच समिति में डीएमओ मार्केटिंग, रायगढ़ को भी रख कर क्लीन चिट देने के रास्ते बना रही जो कि जिले के किसानों और नागरिकों को चिढाने जैसा है। इसके मद्देनजर रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ के विनय शुक्ल,डी.डी.शुभंकर, संतोष यादव,आदर्श श्रीवास , सुरेंद्र पटेल,अज्ञात मल्होत्रा, संजय देवांगन,जयप्रकाश प्रधान,आतिश अली,मुजीब अहमद, ईनाम सिद्दिकी, तिजेश जायसवाल, ऋषभ मिश्रा, अभिषेक चौहान, शमशाद, कामरेड शेख कलीमुल्ला, संजय देवांगन, मनोज सागर, मनोज साहू, अजय तिग्गा, अनिल चीकू आदि के द्वारा सांकेतिक रूप से प्रदर्शन किया गया। संस्था के द्वारा आगामी दिनों में प्रतिनिधि मंडल के साथ इसकी शिकायत प्रदेश के राज्यपाल महोदय से रायपुर में मिलकर मय दस्तावेज प्रस्तुत कर गंभीर जांच की मांग की जाएगी ।





