

रायगढ़।करीब दो साल पहले दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 15 वर्षिय बालक लोकेश का सफल ईलाज रायगढ़ के युवा विधायक प्रकाश नायक के प्रयासों हो सका।बालाजी हॉस्पिटल रायपुर के चिकित्सकों द्वारा उसके सिर का ऑपरेशन कर उसमें हड्डी लगाया गया जिससे अब वह स्वस्थ है।आज सुबह लोकेश के साथ उसके परिजनों कार्यालय पहुँचकर विधायक प्रकाश नायक से मुलाकात की और उनका आभार जताया।उक्त बालक को स्वस्थ देखकर विधायक ने भी खुशी जाहिर की।
ज्ञात रहे कि रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लोहरसिंह निवासी निरंजन साव का 15 वर्षिय पुत्र लोकेश साव दो साल पहले अपने एक दोस्त के साथ मोटरसाइकल में सवार होकर पूजन कार्य में लोहरसिंह से समीप के गाँव जोगीतराई जा रहे थे।इस दौरान उनकी मोटरसायकल अनियंत्रित होकर जोगीतराई प्रवेश द्वार (गेट)में टकरा गई।इस घटना में मोटरसाइकल चालक व पीछे बैठें लोकेश के सिर में गंभीर चोट आने से दोनों को उनके परिजनों द्वारा ईलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायगढ़ ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्तिथि को ध्यान में रखते हुए जिंदल

हॉस्पिटल भेजा।वहाँ भी इनके ईलाज करने के लिए डॉक्टरों ने असमर्थता जताई।ऐसी स्थिति में उनके घर वालों ने दोनों को घायल स्थिति में बालाजी हॉस्पिटल रायपुर ले जाकर भर्ती कराया। ईलाज के दौरान मोटर सायकल चालक की मौत हो गई।और बेहोशी के हालत में आई सी यूँ में लोकेश का ईलाज जारी रहा।इसी बीच रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक का किसी कार्यक्रम के सिलसिले में ग्राम लोहरसिंह आगमन हुआ जहाँ लोकेश के परिजनों ने उसके ईलाज कराने में असमर्थता जतातें हुए विधायक के समक्ष इसकी जानकारी दी।विधायक ने तत्काल बालाजी हॉस्पिटल के प्रबंधन व चिकित्सकों से चर्चा कर बालक लोकेश के बेहतर ईलाज करने के लिए कहा।इस पर वहाँ के चिकित्सकों ने ईलाज जारी रखते हुए उसके सिर का ऑपरेशन किया।चूंकि दुर्घटना में उसके सिर में गंभीर चोट आई थी जिसकी वजह से हड्डी निकालना पड़ा।करीब 2 माह बाद फिर से उसके सिर में हड्डी जोड़कर उसे नया जीवन दिया गया।अब लोकेश खतरे से बाहर होकर स्वस्थ हो चुका है।
सोमवार को निरंजन साव अपने इस बेटे लोकेश को लेकर गजानंदपुरम स्थित कार्यालय पहुँचा और विधायक प्रकाश नायक से मुलाक़ात कर उसे नया जीवन दिलाने में बेहतर प्रयास करने के लिए दिल से आभार जताया।इस दौरान विधायक ने कहा कि लोकेश को स्वस्थ हालत में देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है और मैं उसके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
नही थी जीने की उम्मीद
गाँव मे रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले निरंजन साव ने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल उसके छोटे बेटे लोकेश के बचने की उसे उम्मीद नही थी।बालाजी हॉस्पिटल रायपुर में पूरे 28 दिनों तक आईसीयू में बेहोशी की हालत में वह पड़ा रहा ऐसे में उसके ठीक होने की कोई उम्मीद उन्हें दिखाई नही दे रही थी।ऐसे समय में उन्हें रायगढ़ विधायक का सहयोग मिला और उनकी पहल तथा हॉस्पिटल के चिकित्सकों की अथक मेहनत से उसे पुनः उसे नई जिंदगी मिली।





