
रायगढ./ जिले के तमनार कोल क्षेत्र में स्थित हिंडाल्को के कोयला खदान में ब्लास्टिंग की वजह से कोड़केल गांव में दर्जनों घरों में दरार पड़ने लगी है।
खदान प्रबन्धन के द्वारा लगातार ब्लास्टिंग किए जाने से कई घरों को भारी क्षति भी पहुंच चुकी है। आलम यह है कि ग्रामीण रात दिन किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका के बीच भयभीत होकर जीने को मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबन्धन अक्सर गांव वालों को सूचना दिए बगैर ही खदान में ब्लास्टिंग करता रहता है। इस दौरान गांव की जमीन में बुरी तरह से कम्पन होता है,और घरों में बड़ी दरारें बन जाती है । पहले यह दरार कच्चे घरों में दिखती थीं,अब गांव में पक्के मकान पर भी दरारें आ रही हैं। वही कच्चे मकान विस्फोट के दौरान जोर से हिलने लगते है।

ग्रामीणों की माने तो बजना सुरक्षा और सूचना के नियमित गॉन वाली ब्लास्टिंग की वजह से स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव के दिलीप भगत, रोहित पटेल, कुंजबिहारी निषाद, भुजबल सिदार, रोहित सिदार,के अलावा अन्य 85 घरों की दीवारें लगभग फट चुकी है। इन दरारों से आर पार देखा जा सकता है।
इन सबके बावजूद खदान प्रबन्धन और जिला प्रशासन ग्रामीणों की सुध लेने कभी गांव नही आता। अगर ऐसा ही चलता रहा तो ब्लास्टिंग की वजह से आने वाले दिनों में गांव में बड़े हादसे से इंकार नही कियॉ जा सकता है।





