
रायगढ़ / खरसिया ब्लॉक के बिजली विभाग में पदस्थ रमेश हरदिया अपने जीते जी ही देहदान की इच्छा जताई थी। रमेश हरदिया 65 वर्ष की आयु के थे। सोमवार की सुबह उन्हें अचानक हृदयाघात होने से उनकी मृत्यु हो गई। वहीं वे बिजली विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के पद से भार मुक्त हो गए थे। तो वहीं उनकी पत्नी ने भी मृत्यु उपरांत देहदान करने का निर्णय लिया है। उनके एक बेटा और बेटी है। अचानक सीने में दर्द होने पर आनन-फानन में अस्पताल मदनपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां प्रथम उपचार में ही उन्हें डॉक्टरों ने
मृत घोषित किया गया। वहीं देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक डोरा इस दुखद घटना की सूचना दी।वहीं पार्थिव शरीर को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे रमेश हरदिया के परिजन। घर में सारे क्रिया कर्म करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में शाम को लाया गया। जहां डॉक्टर कुडूं ने बताया की हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई । वहीं देवकी रामधारी फाउंडेशन के नेतृत्व में 10 लोगों ने अभी तक अपना देहदान किया है।
वहीं देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन ने बताया कि रायगढ़ अंचल में लगातार ही नेत्रदान और देहदान के लिए कार्य किए जा रहे है । रमेश हरदिया के परिवारवालों को अध्यक्ष दीपक डोरा ने सेल्यूट किया है और कहा कि इस प्रकार समाज में एक नई जागृति आएगी।
बहरहाल यह समाज के लिए बहुत ही अनुकरणीय कार्य रेमश हरदिया द्वारा किया गया। जो मृत्यु के बाद पार्थिव देह को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में सुपुर्द किया गया। जो हमारे समाज को उत्कृष्ट संदेश जाते-जाते भी दे गए।





