
छग के किसानों की दशा दिशा में बड़ा बदलाव लाएंगे ओपी चौधरी
रायगढ :- छग भाजपा की राजनीति के महानायक ओपी चौधरी छग के किसानो की आर्थिक दशा दिशा सुधारने की दिशा में भी प्रयासरत है l इस हेतु वे प्रगतिशील खेती के पक्षधर है लेकिन इस खेती के लिए आने वाली जमीनी समस्याओ को वे भली भाँति समझते है ताकि वे इस मसले में बतौर विपक्ष व किसानों से जुड़ी समस्याओं को सत्ता के सामने मजबूती से रख सके l ओपी चौधरी का यह अभिनव प्रयोग निश्चित तौर पर प्रदेश के किसान भाइयों की दशा दिशा बदलने लाने में मददगार भूमिका निभाएगा l भाजपा की राजनीति में सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले ओपी चौधरी रविवार के दिन सूर्योदय के दौरान अपने खेत पहुँचे और सनातन धर्म का पालन करते हुए उगते सूर्य को प्रणाम करते हुए प्रदेश के किसानों की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा l अपने खेत के जरिये फेश बुक लाइव में ओपी ने बताया कि उन्होंने इस बार केले की फसल लगाई है और मेड में डाब नारियल का पेड़ लगाने का प्रयोग किया है l चार सालों के बाद नारियल के पेड़ों को लगाने का लाभ सामने आएगा l केले की खेती के बारे में उंन्होने विस्तार से बताते हुये कहा कि धान की परंपरा गत खेती व प्रगति शील खेती में बहुत बड़ा अंतर है प्रगति शील खेती अपनाए जाने के पहले इसे समझना आवश्यक है l प्रगति शील खेती कर लिए चकबन्दी आवश्यक है अर्थात खेती का जमीन एक जगह होना l उसके बाद लेबलिंग थोड़ी खर्चीली प्रक्रिया है क्योंकि धान की खेती में पानी को रोककर रखना होता है जबकि प्रगति शील खेती में पानी का जमाव की बजाय बहाव होना चाहिए l इसके लिए ग्राउंड लेबल होना चाहिए l इस खेती के लिए सीमेंट पोल व वायर की फेंसिंग को आवश्यक बताया क्योकि फेसिंग के जरिए फसलों की जानवरो से रक्षा की जाती हैl फेश बुक लाइव के जरिये केले की फसल दिखाते हुए ओपी ने कहा चैन लिंक फेंसिंग से जानवर

नही घुस पाते l उसके अलावा हल्का झटका देने के लिए लकड़ी के बत्ता में झटका वायर लगाया गया है जिसमे सोलर के जरिये पैदा होने वाला करेंट प्रवाहित किया जा सकता है l यह बंदरो को रोकने के लिये आवश्यक है हालाँकि केले की फसल में बंदर उत्पात नही मचाते l लेकिन अन्य फसल में रोकने के लिये सोलर फेंसिंग आवश्यक है l अपने खेत मे लगा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी दिखाया lप्रगतिशील खेती के लिए सरकार को नई पॉलिसी लाने की आवश्यक बताते हुए भाजपा नेता ओपी चौधरी ने कहा कि चारो चीजे उपलब्ध हो तो सरकार को सब्सिसडी देकर प्रगतिशील खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए l निर्यात आधारित खेती को प्रोत्साहित कर विदेशी मुद्रा एकत्र करने की दिशा पर भी विचार आवश्यक है l ताकि किसानो की आर्थिक स्थिति समृद्ध हो सके l अभी दी जाने वालीसब्सिडी की बजाय अधिक सब्सिसडी पर उंन्होने जोर दिया ताकि किसान आकर्षित हो सके l खेती को अधिकाधिक प्रोत्साहित किया जा सके और खेती आधारित कार्यो से अर्थब्यवस्था भी मजबूत की जा सके l बहुत सी वस्तुओं को बाहर से आयात किया जाता है जिनमे तेल दवाइयों के केमिकल शामिल है l उनसे जुड़े उत्पादों की खेती को भी प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता जताई l छोटे किसानों को सब्सिडी देकर प्रगतिशील खेती से जोड़ा जाना चाहिए ओपी ने इस बात पर जोर दिया कि नीति गत निर्णयों के जरिये कुछ बदलाव ला कर इसे आसानी से प्रोत्साहित किया जा सकता है l पुनः
सूर्य भगवान को प्रणाम करते हुए सुबह सुबह की खेती शरीर व स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद करते हुए जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय ज्ञान का नारा लगाते हुए इस विषय पर पुनः लाइव चर्चा का वादा किया l





