
*रायगढ़..कथिततौर पर रायगढ़ शहर का पुराना क्रिकेट सट्टा खाईवाल करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल बीते कुछ दिनों से मीडिया की फिर से सुर्खियां बटोर रहा है।हालांकि करन हमेशा किसी न किसी विवाद में मीडिया की हेडलाइंस पर रहता ही है।चार साल पहले जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी छवि सुधारने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए,पुलिस और कानून को धोखा देने के लिए उसने समाजसेवी होने तक का ढोंग रच डाला।लेकिन कहते हैं न सच्चाई को फ़रेब का मुखौटा पहनाकर ज्यादा दिनों तक छुपाया नहीं जा सकता।कुछ ऐसा ही करन के साथ हुआ।समाज और कानून को धोखा देने की उसकी तमाम कोशिशें नाकाम हो गई।जब रायगढ़ पुलिस ने घरघोड़ा क्षेत्र में दो जगहों पर चल रहे क्रिकेट सट्टा में उसकी संलिप्तता पाई।करन और उसके साथियों पर एक ही दिन में दो एफआईआर पुलिस ने दर्ज कर दिया।और करीबन आधा दर्जन उसके गिरोह के लोगों को तत्काल अरेस्ट कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया। लेकिन इस पूरे मुआमले में पुलिस की एफआईआर के मुताबिक करन चौधरी और उसका साथी जसमीत बग्गा अब तक फरार है। उल्लेखनीय है कि घरघोड़ा में मामला दर्ज होने के बाद करन ने वाट्सअप ग्रुप में एक वीडियो शेयर किया और अपने आप को बेगुनाह बताते हुए पुलिस की पूरी कार्यवाही को चैलेंज कर दिया था।लेकिन दूसरी तरफ शहर में यह भी चर्चा है कि नए एसएसपी शशिमोहन सिंह के आने के बाद से जिस तरह रायगढ़ पुलिस ने एकजुट होकर जिले की कानून व्यवस्था को संभाला है और खासतौर पर जुआ, सट्टा,शराब सहित तमाम अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाते हुए पुलिस की साफ छवि बनाई है।उसके मुताबिक पुलिस दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी को फंसा नहीं सकती।कहीं न कहीं करन के दागदार दामन पर सट्टा खाई वाली के बदनुमा दाग मिले ही होंगे। बहरहाल पुलिस और करन के बीच आंखमिचौली का खेल बीते दस दिनों से चल रहा है।अब देखना होगा कि पुलिस की कार्यवाही को चैलेंज करने वाला क्रिकेट सट्टा खाईवाल की बात में दम है या फिर रायगढ़ पुलिस की इस कार्यवाही में क्योंकि पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति पर दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही पुलिस नहीं करेगी।





