
रायगढ़ :-नगर पालिक निगम के पूर्वसभापति वरिष्ठ पार्षद सुभाष पाण्डेय ने राज्य शासन के प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत मोर मकान मोर आस योजना के तहत् राज्य के निवासरत् जो कि किराये के मकान पर काबीज है ऐसे हितग्राहियों को जो कि आवासहीन है। प्रधानमंत्री योजना के अन्तर्गत निर्माण मकानों को पूर्ण लागत में लगभग 03.00 लाख 75 हजार रूपये की राशि में प्रदाय किये जाने के निर्णय को अव्यवहारिक बताया। चूकि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसमें मकान के लागत मूल्य का 10 से 15 प्रतिषत् राशि हितग्राही से लेकर आवास आबंटित किया जाता है एवं शेष राशि अनुदान के रूप में समायोजित की जाती है किन्तु राज्य शासन भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार की इस योजना का लाभ गरीब आवासहीन एवं बी.पी.एल परिवार को प्राप्त नही होगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूर्वसभापति ने मांग की है कि उक्त निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास अत्यंत ही जर्जर हालत में हो गई है। विगत कई वर्षाें से निगम प्रषासन की गंभीर लापरवाही एवं अनुषांसनहिनता की वजह से योजना के सारे निर्मित आवास जीर्ण षिर्ण हालत में क्षतिग्रस्त हो गये है। जिसमें पेयजल विद्युत व्यवस्था संबंधी आवश्यक सेवाओं का पूर्णतः अभाव है। उक्त आवासों को यदि आबंटन करना है तो राज्य शासन व निगम प्रषासन को हिग्राहियों की राशि पूर्ण रूप से ना लेकर अंशदान के रूप में 10 से 15 प्रतिषत राशि ली जानी चाहिए एवं जिला प्रशासन को हितग्राहियों के लिए आय प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र बनाये जाने के लिए शिविर का आयोजन करना किया जावें। जिससे हितग्राही इतनी भीषण गर्मी में भटके न एवं माननीय प्रधानमंत्री जी की भी आवासहिनों को आवास देने के लक्ष्य की पूर्ति हो सके।





