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जिले के पर्यटन स्थलों को सहेजने के लिए कवायद शुरू की गई पोरथधाम और टीपाखोल…कलेक्टर की अध्यक्षता में टीम गठित

प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अंकित होगा पोरथधाम और टीपाखोल
पुरातात्विक स्थलों को सहेजने के साथ पर्यटन सुविधाएं होंगी विकसित
जिला प्रशासन ने शुरू की पहल, पर्यटन व पुरातत्व समिति की हुयी बैठक

रायगढ़, / जिले के पर्यटन और पुरातात्विक स्थलों को सहेजने संवारने की कवायद शुरू की जा रही है। इसके लिए आज कलेक्टोरेट में जिला पर्यटन और पुरातत्व समितियों की अहम बैठक कलेक्टर भीम सिंह की अध्यक्षता में हुयी। जिसमें विधायक रायगढ़ प्रकाश नायक, जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल, बीज निगम के सदस्य दिलीप पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा, नगर निगम कमिश्नर एस.जयवर्धन, सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल सहित समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।
बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन तथा वहां मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या कराने को लेकर चर्चा हुयी। जिसके अंतर्गत जिले में आस्था का प्रमुख केन्द्र पोरथधाम में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का निर्णय लिया गया। जिससे प्रदेश तथा बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए महानदी के तट पर स्थित पोरथधाम एक प्रमुख पर्यटन स्थल बने। कलेक्टर सिंह ने यहां अन्य गतिविधियां विकसित किए जाने हेतु स्थल का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार रायगढ़ से भूपदेवपुर मार्ग पर स्थित टीपाखोल जलाशय में वाटर स्पोर्ट्स तथा अन्य एडवेंचर गतिविधियों को सुव्यवस्थित रूप से शुरू करने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। जिसमें यहां रिसॉर्ट निर्माण की संभावनाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए। जिससे आने वाले लोग यहां रूक सके तथा प्राकृतिक सुंदरता का आनंद उठा सके। बैठक में रामझरना में सुविधाओं के बारे में भी चर्चा की गयी। जिसके आधार पर वन विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्य व प्रदेश पर्यटन बोर्ड से  मिले कार्ययोजना के संबंध में पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए गए। जिससे यहां शेष बचे कार्य जल्द पूर्ण करवाये जा सके। इसके साथ ही जिला स्तर पर चिन्हित अन्य पर्यटन स्थलों नाथलदायी, कबरा पहाड़, सिंघनपुर, पहाड़ मंदिर, माडोसील झरना गोमर्डा आदि के बारे में पहुंच मार्ग, पर्यटकों के लिए पेयजल, प्रसाधन व अन्य सुविधाओं तथा पर्यटन विकास से जुड़ी संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।  
जिले में बड़ी संख्या में पुरातात्विक स्थल भी चिन्हित है। जिसको लेकर स्थानीय पुरातत्व वेत्ताओं द्वारा खोज की गयी है तथा इन स्थलों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी संकलित की गयी है।  पुरातत्व समिति में शामिल शिव राजपूत तथा प्रो.डी.एस.मालिया ने रायगढ़ तथा धरमजयगढ़ के आसपास ऐसे स्थलों वहां बने शैलचित्रों, लिपियों व पुरातन संरचनाओं के साथ उनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में बैठक में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें से कई स्थान ऐसे है जिनके बारे में लोगों को ठीक से जानकारी भी नहीं है। कलेक्टर सिंह ने इनमें से चिन्हित स्थानों का निरीक्षण करने तथा उनके संरक्षण की दिशा में किए जा सकने वाले कार्यों के साथ यहां मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश ज्वाइंंट कलेक्टर राजीव पाण्डेय को दिए। उन्होंने रायगढ़ स्थित पुरातत्व संग्रहालय के संचालन के बारे में भी जानकारी ली तथा आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सिंह ने रायगढ़ जिले के ऐतिहासिक महत्व के भवनों के बाहर उस भवन के इतिहास व अन्य जानकारियों वाला बोर्ड लगाने के लिए भी निर्देशित किया। कलेक्टर सिंह ने जिले के सभी स्कूली छात्रों को पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण करवाने तथा जिले के पर्यटन व पुरातात्विक स्थलों के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के पर्यटन व पुरातात्विक स्थलों पर एक पुस्तिका प्रकाशित करने का भी निर्णय लिया गया। जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को इन स्थानों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके। कलेक्टर सिंह ने रेलवे स्टेशन में एक पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिए। इस दौरान ज्वाइंट कलेक्टर राजीव पाण्डेय, प्रो.अंबिका वर्मा, प्रो.ए.के.तिवारी, प्रो.डी.एस.मालिया, विनोद महेश, शिव राजपूत, आर.के.त्रिवेदी, सुदेश लाला, मोहन नायक, मनोज श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ टुरिज्म बोर्ड के प्रतिनिधि अजय श्रीवास्तव,

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