
रायगढ़:-छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में सरकार 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू करने जा रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे निभाया है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी की जाएगी। यह छत्तीसगढ़ के किसानों के सम्मान और उनकी मेहनत का सच्चा मूल्य है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाएंगे, ताकि किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और वे आसानी से अपनी उपज बेच सकें। श्री चौधरी ने बताया कि धान खरीदी नीति पर अंतिम मुहर लगाने के लिए 27 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में किसान परेशान थे, बारदाने के लिए भटकना पड़ता था, भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। हमारी सुशासन सरकार ने व्यवस्था बदली है। आज किसान के खाते में एकमुश्त भुगतान हो रहा है, महतारी वंदन से लेकर किसान सम्मान तक, हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। यह मोदी की गारंटी और साय सरकार का सुशासन है।
रायगढ़:-छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में सरकार 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू करने जा रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे निभाया है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी की जाएगी। यह छत्तीसगढ़ के किसानों के सम्मान और उनकी मेहनत का सच्चा मूल्य है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाएंगे, ताकि किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और वे आसानी से अपनी उपज बेच सकें। श्री चौधरी ने बताया कि धान खरीदी नीति पर अंतिम मुहर लगाने के लिए 27 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में किसान परेशान थे, बारदाने के लिए भटकना पड़ता था, भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। हमारी सुशासन सरकार ने व्यवस्था बदली है। आज किसान के खाते में एकमुश्त भुगतान हो रहा है, महतारी वंदन से लेकर किसान सम्मान तक, हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। यह मोदी की गारंटी और साय सरकार का सुशासन है।



