
13 अगस्त, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रायगढ़ पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई एवं चोरी गए माल की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस ने सीएमओ तिराहा से चोरी हुए ट्रेलर डाला के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले क्षेत्र की रेकी कर वारदात की पूरी योजना बनाई और 27 जुलाई की देर रात करीब 2:30 बजे चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी के डाला को अपने ट्रेलर के इंजन से जोड़कर रायपुर ले जाया गया, जहां उसे ₹4 लाख 30 हजार में बेच दिया गया। पुलिस ने करीब 10 दिनों तक लगातार मेहनत करते हुए 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने चोरी गया डाला एवं इंजन सहित करीब ₹13 लाख का मशरूका, वारदात में प्रयुक्त करीब ₹8 लाख कीमत की कार तथा आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
रिपोर्ट दर्ज होते ही सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस
मामले की जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड रायगढ़ निवासी धीरज कुमार नवीन पिता योगेश कुमार सिंह उम्र 41 वर्ष ने दिनांक 02 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ट्रेलर क्रमांक CG 12 BK 3140 का इंजन बजरंग मोटर के अंदर तथा उसका ट्रेलर डाला/ट्रीप बजरंग मोटर उर्दना बैरियर से सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा था। दिनांक 27 जुलाई की शाम करीब 04 बजे डाला वहीं खड़ा किया गया था। अगले दिन 28 जुलाई की सुबह करीब 08 बजे मौके पर पहुंचने पर डाला गायब मिला। अज्ञात आरोपी द्वारा डाला चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 415/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम को माल-मुल्जिम की पतासाजी के लिए लगाया। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास पूछताछ करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की गई।
300 से अधिक CCTV फुटेज में मिला वारदात का सुराग
विवेचना के दौरान टीआई अमित तिवारी के नेतृत्व में थाना कोतवाली के आरक्षक प्रताप बेहरा एवं उत्तम सारथी ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र में लगे करीब 300 CCTV कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाला। रात के अंधेरे में वाहन की स्पष्ट पहचान मुश्किल थी, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण सुराग तलाश लिया।
फुटेज में चोरी किया गया ट्रेलर डाला, ट्रेलर क्रमांक CG 13 AS 8857 के इंजन से जोड़कर ले जाते हुए दिखाई दिया। खास बात यह थी कि चोरी का डाला लेकर जा रहे ट्रेलर के आगे एक नीले रंग की कार क्रमांक CG 13 BA 7639 पायलेटिंग करते हुए चल रही थी। पुलिस ने दोनों वाहनों के आने-जाने के पूरे रूट को CCTV के माध्यम से ट्रेस किया।
टोल और हाईवे से बचने कच्चे-बाईपास रास्तों से पहुंचे रायपुर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम देकर मुख्य मार्ग एवं टोल नाकों से बचते रहे। आरोपियों ने चोरी का डाला लेकर रायपुर पहुंचने के लिए हाईवे के
बजाय बाईपास एवं कच्चे रास्तों का इस्तेमाल किया, ताकि किसी CCTV या टोल रिकॉर्ड में आसानी से उनकी पहचान न हो सके।
CCTV फुटेज के आधार पर वाहन को रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक ट्रेस किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरटीओ रिकॉर्ड के जरिए ट्रेलर वाहन CG 13 AS 8857 के मालिक की जानकारी जुटाई।
RTO रिकॉर्ड से आरोपी तक पहुंची पुलिस, पूछताछ में खुला पूरा राज
आरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेलर वाहन का मालिक जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल, पिता कलवन्त सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर रायगढ़ निकला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी पवनदीप सिंह एवं संदीप कुमार खत्री के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 27 जुलाई की रात करीब 2:30 बजे चोरी किए गए डाला को ट्रेलर वाहन CG 13 AS 8857 के इंजन में फंसाकर रायपुर ले गए थे।
₹4.30 लाख में बेच दिया चोरी का डाला, पुलिस ने बिलासपुर से किया बरामद
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के डाला को रायपुर निवासी हरचरण सिंह सरदार, मोहबा नगर, थाना कबीरनगर रायपुर को ₹4 लाख 30 हजार में बेच दिया गया था। हरचरण सिंह के कहने पर चोरी का डाला ग्राम बेलतरा, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर में इंजन सहित रखा गया था।
पुलिस टीम ने पतासाजी कर ग्राम बेलतरा पहुंचकर चोरी गया ट्रेलर डाला एवं इंजन बरामद कर लिया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹13 लाख है।
पायलेटिंग में इस्तेमाल ₹8 लाख की कार और मोबाइल भी जब्त
पुलिस ने वारदात के दौरान चोरी के वाहन की पायलेटिंग में इस्तेमाल की गई नीले रंग की कार क्रमांक CG 13 BA 7639, अनुमानित कीमत करीब ₹8 लाख, आरोपी जसविन्दर सिंह से जब्त की है। साथ ही आरोपियों के बीच वारदात को लेकर हुई बातचीत के आधार पर उनके मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
*तीनों आरोपी ड्रायवरी पेशे से जुड़े, एक आरोपी पहले भी चोरी में जा चुका है जेल*
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी ड्रायवरी के पेशे से जुड़े हुए हैं और वाहनों एवं मार्गों की जानकारी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी संदीप कुमार खत्री करीब दो माह पूर्व मोटर सायकल चोरी के मामले में जमानत पर रिहा हुआ था।
चोरी का डाला खरीदने वाला आरोपी हरचरण सिंह सरदार निवासी मोहबा नगर, कबीरनगर रायपुर वर्तमान में फरार है। पुलिस द्वारा उसकी लगातार पतासाजी की जा रही है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने—
- जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल, पिता कलवन्त सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर रायगढ़।
- पवनदीप सिंह, पिता अवतार सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी भगवानपुर रायगढ़, थाना कोतरारोड़।
- संदीप कुमार खत्री, पिता अशोक कुमार खत्री, उम्र 29 वर्ष, निवासी मंगलूडीपा रायगढ़, थाना कोतरारोड़।
को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जब्त मशरूका
चोरी गया ट्रेलर डाला एवं इंजन — अनुमानित कीमत ₹13,00,000।
वारदात में प्रयुक्त नीले रंग की कार CG 13 BA 7639 — अनुमानित कीमत ₹8,00,000।
आरोपियों के मोबाइल फोन एवं प्रकरण से संबंधित अन्य आवश्यक साक्ष्य।
10 दिनों की मेहनत और टीमवर्क से मिली सफलता
इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस की लगातार 10 दिनों की मेहनत, करीब 300 CCTV फुटेज की बारीकी से जांच और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए की गई विवेचना निर्णायक साबित हुई। रात के अंधेरे में चोरी किए गए वाहन की स्पष्ट पहचान नहीं होने के बावजूद पुलिस टीम ने पायलेटिंग कर रही कार को महत्वपूर्ण सुराग बनाया और CCTV फुटेज के माध्यम से वाहनों के रूट को ट्रेस करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस की सक्रियता से चोरी गया करीब ₹13 लाख का डाला बरामद करने के साथ वारदात में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश
“संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की प्राथमिकता अपराध का शीघ्र खुलासा करने के साथ चोरी गए माल की बरामदगी सुनिश्चित करना है। कोतवाली पुलिस ने सीमित सुराग के बावजूद करीब 300 CCTV फुटेज की बारीकी से जांच कर आरोपियों तक पहुंच बनाई और चोरी गया ट्रेलर डाला बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस टीम की सतर्कता, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग और बेहतर टीमवर्क का परिणाम है। रायगढ़ पुलिस अपराधियों को स्पष्ट संदेश देती है कि अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, पुलिस की नजर से बचना संभव नहीं है। संपत्ति संबंधी अपराधों में इसी तरह प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
कार्रवाई में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में इस चोरी के खुलासे में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक कौशल सिंह जगत तथा आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं नितेश लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



