
रायगढ़.. ढिमरापुर क्षेत्र में स्थित अशोक विहार कॉलोनी में बेजा कब्जा का खेल जोरों पर चल रहा है।दो दिन पहले केलोभूमि में चली खबर कॉलोनी के भीतर सड़क पर कब्जा के मामले में निगम के हस्तक्षेप के बाद कब्जाधारी ने तो आज अपना कब्जा दीवार तोड़कर हटा लिया लेकिन अभी भी इस कालोनी के अंदर कब्जाधारियों की लंबी फेहरिस्त है। बता दें कि करीबन बीस साल पहले डेवलप की गई इस कालोनी में सड़क के लिए बकायदा 25 फीट चौड़ी जमीन छोड़ी गई थी।लेकिन कालांतर में इस कालोनी में बसाहट बढ़ने के बाद वहां बसे कई लोगों ने सड़क पर ही कब्जा करके अपना मकान पांच फीट तक बढ़ा लिया।दोनों तरफ से सड़क पर कब्जा होने से अब 25 फीट चौड़ी सड़क महज 15 फीट की रह गई है।

आरोप..नजूल जमीन भी कालोनाइजर द्वारा बेची गई..वहां रहने वाले कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस कालोनी की जमीन बेचने वाले ने अपनी जमीन के अलावा यहां स्थित शासकीय जमीन को भी करीबन आधा दर्जन लोगों को बेच दिया गया है।और उन शासकीय जमीनों पर भी अब बाकायदा मकान बना लिए गए हैं।आरोप लगाने वालों ने दावे के साथ कहा कि अगर राजस्व विभाग इस कालोनी का सीमांकन करे तो कई मकान सरकारी जमीनों पर भी बने मिलेंगे।बरसाती नाले पर कब्जा करके भी बनाया जा रहा है मकानअशोक विहार कॉलोनी में चल रहे कई निर्माण कार्य विवादित नजर आ रहे हैं।सूत्रों की माने तो यहां बन रहा एक मकान नाले और सड़क पर भी कब्जा करके बनाया जा रहा है।खास सूत्र तस्दीक करते हैं कि किसी आशीष गोयल के द्वारा निर्माण कराए जा रहे 2400 स्क्वायर फीट के मकान में सड़क की जमीन पर भी कब्जा करके आगे की तरफ बढ़ा लिया गया है तो वहीं इस मकान के पीछे से बह रहे बरसाती नाला की भी जमीन पर कथिततौर पर किसी आशीष ने कब्जा कर लिया है और मकान को पीछे तक बढ़ा दिया है।जिससे बरसाती नाले की चौड़ाई काफी कम हो गई है।नगर निगम को इस निर्माण कार्य की जांच कर उचित कार्यवाही करनी चाहिए।



