

रायगढ़, 20 अप्रैल 2026शहर के राजप्रिय हॉस्पिटल में जटिल एवं हाई-रिस्क मेडिकल मामलों का सफल उपचार लगातार किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और समर्पित मेडिकल टीम के समन्वय से अस्पताल में ऐसे कई चुनौतीपूर्ण केसों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है, जो सामान्य परिस्थितियों में बड़े शहरों के सुपर स्पेशलिटी केंद्रों में ही संभव माने जाते हैं।हाल ही में अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. किर्ती नंदा एवं उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल हाई-रिस्क डिलीवरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह मरीज की चौथी सिजेरियन डिलीवरी थी, जिसमें कई गंभीर जटिलताएं एक साथ मौजूद थीं। मरीज अत्यधिक उच्च रक्तचाप (High BP), मोर्बिड ओबेसिटी (Morbid Obesity), भ्रूण संकट (Fetal Distress), ब्रीच प्रेजेंटेशन (उल्टी स्थिति में शिशु) तथा गर्भ में शिशु की गर्दन के चारों ओर नाल लिपटी होने जैसी स्थिति से जूझ रही थी। इसके साथ ही, पूर्व सर्जरी के कारण पेट के अंदर घनी चिपकन (Dense Adhesions) मौजूद थी, जिससे ऑपरेशन का जोखिम कई गुना बढ़ गया था।इन जटिल परिस्थितियों में सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अनुभवी टीम की सूझबूझ, सटीक निर्णय क्षमता और सतर्कता के चलते ऑपरेशन सफल रहा और मां एवं नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह केस अस्पताल की उच्च स्तरीय आपातकालीन प्रबंधन क्षमता और टीम वर्क का उदाहरण माना जा रहा है।इसी क्रम में, स्त्री रोग से जुड़े अन्य जटिल मामलों का भी सफल उपचार किया गया। एक मरीज में Large Multiple Fibroid Uterus की गंभीर स्थिति पाई गई, जिसमें गर्भाशय में कई बड़े फाइब्रॉइड विकसित हो चुके थे। मरीज को लंबे समय से दर्द, भारीपन और असामान्य लक्षणों की शिकायत थी। इस स्थिति में विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय हटाने की सर्जरी) की गई, जिससे मरीज को स्थायी राहत मिली।वहीं एक अन्य महत्वपूर्ण केस में, एक अविवाहित युवती में पेट में असामान्य रूप से सूजन बढ़कर छाती तक पहुंच गई थी। जांच में गर्भाशय में अत्यधिक बड़े फाइब्रॉइड ट्यूमर का पता चला। यह केस न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मरीज के लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में डॉ. किर्ती नंदा एवं उनकी टीम ने सफलतापूर्वक मायोमेक्टॉमी सर्जरी कर लगभग 2.295 किलोग्राम वजनी फाइब्रॉइड ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकाला और मरीज की प्रजनन क्षमता को संरक्षित रखा। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और रिकवरी संतोषजनक बताई जा रही है।डॉ. किर्ती नंदा ने बताया कि फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन एवं हाई-रिस्क प्रेगनेंसी जैसे मामलों में समय पर पहचान और विशेषज्ञ उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक लेप्रोस्कोपिक और एडवांस सर्जिकल तकनीकों की मदद से जटिल ऑपरेशन भी कम जोखिम, कम दर्द और तेजी से रिकवरी के साथ संभव हो पा रहे हैं।अस्पताल के संचालक डॉ. राजकृष्ण शर्मा ने बताया कि राजप्रिय हॉस्पिटल में मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के लोगों को जटिल सर्जरी और विशेषज्ञ इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज के उपचार में मानवीय संवेदना, पारदर्शिता और भरोसे को प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि कम समय में ही राजप्रिय हॉस्पिटल ने क्षेत्र में एक विश्वसनीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है।राजप्रिय हॉस्पिटल में मिल रही इन लगातार सफलताओं से न केवल मरीजों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि यह संस्थान अब जटिल चिकित्सा सेवाओं के लिए क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। राजप्रिय हॉस्पिटलकालिंदी कुंज प्राइड के पास, कबीर चौक, छत्तामुड़ा रोड, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) मो.: 7506180000, 7045380000





