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वेदांता पावर प्लांट के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर….

सक्ती। वेदांता प्लांट विस्फोट मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा होगा कि प्लांट हादसे में चेयरमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ हो। बता दें कि वेदांता प्लांट के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की देश-विदेश में भी कई प्लांट है।जिला सक्ती के थाना डभरा अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 की दोपहर 2:33 बजे बायलर–1 में भीषण विस्फोट हुआ था, जिसमें भारी जनहानि हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पहुंचे और प्रारंभिक जाँच कार्रवाई शुरू की।दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों को उपचार के लिए रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल व अन्य उपचार केंद्रों में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान कुल 20 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 15 घायल श्रमिकों का उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मृत व घायल श्रमिकों के परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।जाँच में खुलासाघटनास्थल पर मौजूद बायलर मुख्य निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि बायलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन के जमा हो जाने के कारण तेज दबाव उत्पन्न हुआ, जिससे बायलर में विस्फोट हुआ। उत्पन्न दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया, जिसके कारण यह गंभीर दुर्घटना हुई।एफएसएल सक्ती की रिपोर्ट में यह पुष्टि की गई है कि अत्यधिक ईंधन संचय और उससे उत्पन्न अतिरिक्त दबाव ही विस्फोट की मुख्य वजह रहे। जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वेदांता कंपनी तथा एनजीएसएल द्वारा मशीनरी व उपकरणों के रख-रखाव तथा संचालन संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया। उपकरणों की देखरेख में लापरवाही व संचालन में उपेक्षा के कारण बायलर के दबाव में अचानक उतार–चढ़ाव आया, जिसके करण यह दुर्घटना घटी। उपलब्ध साक्ष्यों व तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर घटना में लापरवाही हुई है।इन परिस्थितियों के आधार पर एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर वेदांता कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ थाना डभरा में अपराध क्रमांक 106/2026, धारा 106(1), 289, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।पुलिस विभाग द्वारा तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत विवेचना की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना के लिए एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने ASP पंकज पटेल के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह एवं थाना प्रभारी डभरा राजेश पटेल होंगे।

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