

जांजगीर चाम्पा.
जिला कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि सबको यह बात समझानी चाहिए कि ऑक्सीजन कृत्रिम रूप से बन सकती है, रक्त नहीं. इसलिए हर युवा को रक्तदान के लिए प्रेरित करना होगा और हमारे होनहारों को भी स्वतः इसके लिए आगे आना होगा।
श्री शुक्ला आज जिला चिकित्सालय में आयोजित रक्त दान कार्यक्रम का अवलोकन करने पहुंचे थे. यहाँ बताना जरूरी होगा कि आईसीआईसीआई बैंक के उत्साही युवाओं ने स्वत: रक्त दान करने के साथ दूसरे युवाओं को भी इस पुण्य कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इस शिविर में अनेकों युवाओं ने रक्त दान किया….एवम जिलाधीश ने वहाँ जाकर उनका उत्साहवर्धन किया विगत माह में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम में उन्होंने खुद भी रक्तदान करते हुए कई रक्तवीरों का सम्मान भी करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया था वहीं अनेको बार रक्तदान कर चुके इन रक्तवीरो ने इससे प्रेरित होकर नए युवाओं को जोड़ने का अभियान शुरू कर दिया है जिस कारण से इस कार्यक्रम में अब रक्तदाताओं की संख्या में इजाफा भी देखा जा रहा है ।
कलेक्टर श्री शुक्ला ने कहा कि कई लोग हमेशा खून डोनेट करने के लिए तैयार रहते हैं। इसके पीछे हकीकत यह है कि रक्तदान करने के बाद सेहत ठीक रहती है। विगत दिनों इनके दौरे में इन्होंने आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का औचक निरीक्षण करके शिक्षा के गुणवत्तापूर्ण अध्यापन पर भी जोर दिया गया है ।
गौरतलब है कि रक्तदान के कार्य में बीते एक दशक से अपने युवा मित्रों को प्रेरित कर इस पुण्य कार्य की लम्बी श्रृंखला तैयार करने वाले आईसीआईसीआई बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक नितेश शर्मा ने बताया कि इस जीवनदायी रक्त को एकत्रित करने का एकमात्र् उपाय है रक्तदान। स्वस्थ लोगों द्वारा किये गये रक्तदान का उपयोग जरूरतमंद लोगों को खून चढानें के लिये किया जाता है। अनेक कारणों से जैसे उन्नत सर्जरी के बढतें मामलों तथा फैलती जा रही जनसंख्या में बढती जा रही बीमारियों आदि से खून चढाने की जरूरत में कई गुना वृद्वि हुई है।ऐसे जटिल कार्य में जरूरत मंद लोगों को लाभान्वित किये जाने से मन को सुकून मिलता है. वही इस अभियान में जिलाधिकारी श्री शुक्ला भी युवाओं के प्रेरणास्त्रोत की भूमिका में नजर आ रहे है उनकी सक्रियता एवम उत्कृष्ट कार्यशैली भी कई युवाओ को जीवन मे अनेक चुनौतीपूर्ण कार्यो को सरलता एवम सहृदयता से करने की प्रेरणा दे रही है |





