
रायगढ़:- सतनामी समाज छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिलाध्यक्ष शैलेश मनहर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए रायगढ़ प्रशासन से आग्रह किया है कि रोड राजीव नगर से संजय मैदान होते हुए ढिमरापुर रोड तक के अंदरूनी रास्ते पर लगभग 6 से ज्यादा स्कूलों का संचालन होता है। जिसमें हजारों बच्चे पढ़ाई करते हैं और रोज इस मार्ग से आना-जाना करते हैं। लेकिन इस रोड पर आए दिन रास्ते पर कहीं गिट्टी-बालू को डम्प कर दिया जाता है तो कहीं चार पहिया वाहनों को रोड में खड़े कर दिया जाता है, तो कहीं ट्रेलर को खड़े कर दिए रहते हैं। रहा-सहा कसर को जल आवर्धन योजना में पाइप लाइन बिछाने के लिए रोड किनारे खोदे गए गड्ढों से पूरा हो जाता है। स्कूलों के लगने और छुट्टियों के समय में भारी वाहनों के इस रास्ते पर घुसने के कारण स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रास्ते से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

आज भी रामभाँठा क्षेत्र में स्कूल छुट्टी के समय फिर एक बार भारी वाहनों के रास्ते पर आने से बच्चों के साथ-साथ उनके परिजनों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रोड जाम हो गया था। यह किस्सा आए दिन इस मार्ग पर होते रहता है लेकिन इस विषय पर स्कूल प्रबंधन और ना ही शहर प्रशासन कोई ध्यान देना चाहते हैं। क्यों नहीं पर स्कूलों के प्रबंधक और शहर प्रशासन कोई व्यवस्था स्थापित करते ? जिससे कि स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को कोई दिक्कत और हानि ना पहुँचे। क्या स्कूल प्रबंधन और प्रशासन किसी घटना का इंतजार कर रहे हैं ? कि कोई अप्रिय घटना घटे तब इनकी निद्रा टूटे।

मासूम बच्चों को कहाँ मालूम कि उनके लिए भी व्यवस्था बनाई जा सकती है। जिससे वे स्कूल सुगमता से आ जा सके। और बच्चों के पालकों में भी इतनी समझ, समय नहीं कि वे इस विषय पर सभी स्कूलों के प्रबंधकों को बोल सके कि, स्कूलों के लगने और छुट्टी के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों को प्रवेश ना करने दिया जाए। बहरहाल मेरा काम है स्थिति को अपने माध्यम से सबके सामने लाने का और मैंने कर भी दिया है। बाकी प्रशासन और स्कूलों के प्रबंधकों के ऊपर है कि वे इस मुद्दे को कितनी गम्भीरता से लेते हैं।






