
“👉कहो नहीं करके दिखाओ” संगठन का यह ध्येय वाक्य है
रायगढ़:- “सर्वहित के लिए संघर्ष..समर्पण..व सक्रियता..एक संगठन की पहचान व उसकी असली ताकत होती है”। और आज प्रदेश के 72 से अधिक संगठन सर्वहितार्थ अपने मौलिक तथा संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी मांगों को लेकर संघर्षशील.. समर्पित..व सक्रिय.. व संगठित नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी -अधिकारी फेडरेशन को साधुवाद। छत्तीसगढ़ के समस्त नियमित,अनियमित, सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारियों के मुख्य मुद्दों को लेकर “छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन” ने अपनी प्रांत व्यापी “कलम रख मशाल उठा” चरण बद्ध आंदोलन का एक बार फिर से शंखनाद कर दिया है। वेतन विसंगति, अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण,तृतीय समय मान वेतनमान,वेतनमान स्वीकृति,चार स्तरीय वेतनमान, जैसे ज्वलंत मुद्दों एवं विशेषकर “केंद्र के समान देय तिथि से 34% महंगाई भत्ते तथा सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता” जैसी 2 प्रमुख मांगो के प्रति सरकार की लगातार अनदेखी व बेरुखी से प्रदेश के समस्त संवर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों में रोष व्याप्त है। डी.ए.यानि महंगाई भत्ता,वेतन का वह अभिन्न अंग जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा हमेशा से कर्मचारियों को एक जनवरी और एक जुलाई को दिया जाता है।डी.ए.जैसे अपने मौलिक अधिकारों के लिए भी आज कर्मचारियों और अधिकारियों को बार बार आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ रहा है,बेहद खेदजनक है। परिपाटी रही है कि,केंद्र के साथ राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों को उसी अनुपात में महंगाई भत्ता देती है और परंपरा भी यह रही है कि,केंद्र की घोषणा के बाद राज्य सरकार घोषणा करती है तो महंगाई भत्ता भी उसी तिथि से लागू किया जाता है जिस तिथि से केंद्र ने देने की घोषणा की होती है। लेकिन अब ये पिछली सारी परिपाटी व परंपरा ध्वस्त कर दी गई हैं, जिसमें राज्य के कर्मचारी वर्तमान स्थिति में केंद्र से डी.ए. में 12% पिछड़ गए हैं। जिससे सीधे तौर पर प्रत्येक कर्मचारी व अधिकारी संवर्ग को वेतनमान अनुसार हजारों रुपए का नुकसान प्रतिमाह हो रहा है,और शायद जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। क्योंकि सरकार तो एरियर्स राशि दे ही नहीं रही व आदेशों में विगत लगभग 28 महीनों के एरियर्स का उल्लेख भी नहीं है। डी.ए. कर्मचारियों का मूलभूत हक है। राज्य सरकार द्वारा लगातार कर्मचारियों अधिकारियों के आर्थिक हितों, सेवाशर्त, व मौलिक अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है,छीना जा रहा है, जिसके विरोध में आज हर संवर्ग हर तपके का कर्मचारी -अधिकारी अपने संवैधानिक अधिकारों मांगों को लेकर मुखर हैं। छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ रायगढ़ का ध्येय वाक्य यही है कि,”कहो नहीं करके दिखाओ”। अपने इसी ध्येय वाक्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ रायगढ़ के अध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत पटेल कार्यकारी अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद पटेल सचिव आशीष रंगारी कोषाध्यक्ष घनश्याम सिंह पटेल विकासखंड रायगढ़ अध्यक्ष राजेंद्र चौरसिया उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार पटेल मीडिया प्रभारी अमित दुबे संजीव सेठी चंद्रप्रकाश पंडा भुवन लाल पटेल चतुर्भुज पटेल प्रकाश सिंह पंकज विश्वाल के के बारीके विकास तिवारी श्री मनीषा त्रिपाठी आभा यादव आदि जिले के समस्त कर्मचारी व अधिकारी संगठनों के सम्मानीय पदाधिकारियों व सभी संगठनों के समस्त ऊर्जावान जुझारू साथियों से अपील करती है कि, 29 जून 2022 की प्रदेश व्यापी जिला स्तरीय महारैली को सफल बनाने के लिए, रायगढ़ मिनी स्टेडियम में प्रातः 11 बजे एकत्रित होकर, अपने संवैधानिक अधिकारों व मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए,अपनी दो प्रमुख मांगो, केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता व सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता के समर्थन में, पूरे जोश व ऊर्जा के साथ, अपनी आवाज बुलंद कर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के कलम रख मशाल उठा आंदोलन को समर्थन व मजबूती प्रदान करें।





