

रायगढ़-:ज़िला भाजपाध्यक्ष उमेश अग्रवाल,कांग्रेस के फायर-ब्रांड नेता विभाष सिंह के निशाने पर फिर से आ गए हैं।बता दें की एक माह पहले विभाष ने मी-टू प्रकरण में उमेश की गिरफ्तारी के लिए बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ कोतवाली के सामने प्रदर्शन किया था। लेकिन इस दफ़ा विभाष ने उद्योगों के बढ़ते प्रदूषण और उद्योगों के लगातार हो रहे विस्तार पर उमेश अग्रवाल की चुप्पी को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया है।और सोशल मीडिया पर उन्हें खत लिखकर ललकारा है।

उल्लेखनीय है की उमेश अग्रवाल के भाजपा जिलाध्यक्ष बनने के बाद,यह बात खुलकर सामने आने लगी थी।की इस दफ़ा भाजपा ने उद्योगपति जिलाध्यक्ष चुना है।और यह चर्चा और भी आम होने लगी, जब उमेश ने उद्योगों की ज्यादतियों पर कभी भी खुलकर आवाज बुलंद नही किया। इस दरमियान दर्जनों जनसुनवाईयां आयोजित की गई,लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने कभी भी खुलकर इसका विरोध नही किया।बढ़ते औद्योगिकरण और प्रदूषण को लेकर उमेश कभी भी गंभीर नजर नही आये। इन्ही बातों को लेकर विभाष सिंह ने उमेश अग्रवाल को ललकारते हुए सोशल मीडिया में एक वीडियो डालते हुए उनके नाम खत लिखा है।और कहा है की भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान होने वाली जनसुनवाई में वे(विभाष)किस तरह सैकड़ों लोगों को लेकर जनसुनवाई का विरोध करते थे।उनके विरोध की वजह से ही कई जनसुनवाई उस दौरान निरस्त भी हुई है।विभाष ने अंत मे निवेदन करते हुए लिखा है की अब कम से कम विपक्ष धर्म का पालन करते हुए थोड़े संजीदा हो जाइए।
बहरहाल विभाष की ललकार का उमेश के तरकश में क्या जवाब है। यह तो आने वाला वक्त तय करेगा।लेकिन विभाष ने इस मर्तबा उद्योगपति जिलाध्यक्ष की दुखती रग को दबाकर सबके सामने(उद्योगों के विस्तारीकरण और बढ़ते प्रदूषण के मामले में) उनकी चुप्पी की पोल खोल कर रख दिया है।





