Uncategorized

प्रशासन की नाक के नीचे उगल रहा काला ज़हर शिव शक्ति प्लांट बेलगाम – बजरंग अग्रवाल…ईएसपी मशीन बंद कर रात में छोड़ा जा रहा जहरीला धुआं, गांव काली डस्ट की गिरफ्त में,पर्यावरण… विभाग मौन सवाल किसके संरक्षण में शिव शक्ति प्रबंधन बेलगाम..



रायगढ़। जिले के समीप संचालित शिव शक्ति प्लांट एक बार फिर गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बनता नजर आ रहा है। पर्यावरण मित्र बजरंग अग्रवाल ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर तीखे सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन जानबूझकर ईएसपी मशीन बंद कर काला और जहरीला धुआं उगल रहा है, जबकि प्रशासन और पर्यावरण विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
अग्रवाल का आरोप है कि काले धुएं और राख की वजह से आसपास के गांवों में खेत, घर, पेड़-पौधे और जलस्रोत काली डस्ट से ढक चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को सांस लेना तक दूभर हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में दमा, खांसी, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पर्यावरण मित्र के अनुसार, दिन में औपचारिक रूप से ईएसपी मशीन चालू दिखाकर नियमों का पालन दर्शाया जाता है, जबकि रात के अंधेरे में जानबूझकर मशीन बंद कर प्रदूषण फैलाया जाता है। यह पूरी तरह से सुनियोजित और प्रशासनिक निगरानी की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बार-बार शिकायतें और मीडिया में खबरें आ चुकी हैं, तो फिर किस दबाव या संरक्षण में शिव शक्ति प्लांट को खुली छूट दी जा रही है?


बजरंग अग्रवाल ने कहा कि इससे पहले भी शिव शक्ति प्लांट के खिलाफ शिकायतें की गईं, मीडिया में मामले उठे और पर्यावरण विभाग ने जांच के नाम पर औपचारिकता निभाई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण विभाग की निष्क्रियता ने प्लांट प्रबंधन के हौसले बुलंद कर दिए हैं और आज हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पूरा क्षेत्र प्रदूषण का शिकार बन गया है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, तो प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण विभाग आखिर किस भूमिका में हैं नियंत्रक या मूक दर्शक? पर्यावरण मित्र ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक संरक्षण का मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पर्यावरण मित्र बजरंग अग्रवाल ने जिला प्रशासन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शासन से मांग की है कि शिव शक्ति प्लांट की ईएसपी मशीन, उत्सर्जन रजिस्टर और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर प्लांट संचालन पर रोक लगाते हुए भारी जुर्माना और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को काले धुएं के इस जहर से निजात मिल सके।

WhatsApp Image 2024-01-20 at 23.42.49_7da1af9d
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
BREAKING