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मुग़ल शासकों की मां मुस्लिम नहीं थी यह प्रचारित कर सलीम लब जेहाद को बढ़ावा देना चाहते है:- सुमीत शर्मा… भाजयुमो अध्यक्ष ने कहा चाकू के नोक पर धर्म परिवर्तन कराने वाले मुगल शासकों की पैरवी कर रहे सलीम…सत्ता आने पर सरकार आएगी तो कांग्रेस मुगल शासकों की तरह धर्मांतरण कराएगी…

रायगढ़ :- नेता प्रतिपक्ष पूर्व सभापति कांग्रेस नेता सलीम नियारिया द्वारा सोशल मीडिया में जारी वीडियो के हवाले से भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने कहा कि अकबर के बाद किसी भी मुस्लिम शासक की मां मुस्लिम नहीं थी यह प्रचारित कर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया अपरोक्ष रूप से लब जेहाद को बढ़ावा चाहते है। भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने इस तरह की जानकारी नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रचारित किए जाने पर कठोर आपत्ति जताई है। सुमीत शर्मा ने कहा मुगल शासकों ने किस तरह तलवार की नोक पर भय दिखाकर छल कपट से हिंदुओं को धर्म परिवर्तन कर अपने जमात में शामिल किया है ये सर्वविदित है। सलीम की बहादुरी की दाद देते हुए कहा भाजयुमो अध्यक्ष ने कहा आविलासी मुगलों द्वारा हरम में ली गई गैर मुस्लिम महिलाओं को जननी बताने का साहस तो कर रहे है।अन्यथा शेष मुसलमान सच को स्वीकार करने में भी परहेज करते है कि अकबर एंथोनी का पिता किशन लाल है। तीन चार पीढ़ी के पहले की जानकारी लेने की सलाह देते हुए कहा उनके पूर्वज भी राम राम जपते नजर आएंगे।
भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने कहा सलीम नियारिया ने अकबर के बाद के मुगल शासकों की मां मुस्लिम नहीं थी इसे उपलब्धि बताना चाहते है तो साथ साथ अकबर के बाद मुगल शासकों जांजगीर, शाहजहां, औरंगजेब, बहादुर शाह जफर करतूतों का भी जिक्र करना चाहिए।मुगल शासकों ने क्रूरता का ऐसा इतिहास बनाया जिसे जानकार मानवता का सर शर्म से झुक जाता है । ऐसे मुगल शासकों को आदर्श मानने वाली कांग्रेस सत्ता सरकार आने पर मुगल शासकों के पद चिन्हों पर चलेगी यह सच भी उन्हें बताना चाहिए । मुगल शासकों की पैरवी करने वाले कांग्रेस नेताओं को पहचाने का असली समय आ गया है। अकबर के बाद मुगल शासकों के कार्यकाल का सच सामने रखते हुए सुमीत शर्मा ने कहा अकबर के बाद मुगल राजाओं में जहांगीर शाहजहां औरंगजेब बहादुर शाह जफर हुए। मुगल शासक जहांगीर ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने ही बेटे को अंधा कराया और पांचवें सिख गुरु की हत्या कराई। जहांगीर ने अपने बेटे को कारागार में डाला और उसके दोस्तों हुसैन बेग और अब्दुर रहीम को बैल और गधे की खाल में भरवा दिया।जहांगीर गद्दी का अकेला वारिस था, फिर भी उसने अपने अब्बा अकबर से विद्रोह किया और अकबर के नवरत्नों में से एक अबुल-फजल का भी कत्ल करवा दिया था।अकबर के बाद मुगल शासकों में
शाहजहाँ को भी अपने व्यवहार और कार्यों में अत्यंत क्रूर और बर्बर माना जाता था । उसने अपने सभी भाइयों और सिंहासन के सभी संभावित दावेदारों को मार डाला। उसने अपने ही पिता के विरुद्ध विद्रोह किया। अकबर के बाद हुए मुगल शासकों में औरंगजेब के 49 वर्षों के कार्यकाल में कुल 46 लाख हर साल लगभग एक लाख लोग मारे गए थे और इनमें ज्यादातर हिन्दू थे। भारत के इतिहास में औरंगज़ेब सबसे क्रूर मुगल शासक था और वो हिन्दुओं से नफरत करता था। अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर ने 1857 में भारतीय स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम को विफल करने के लिए अंग्रेजों के साथ साजिश रची।बहादुर शाह ज़फ़र 1857 के सबसे बड़े प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का एक बड़ा गद्दार माना गया है। सलीम एक ऐसा पार्षद जो अकबर के बाद मुगल शासकों से इत्तेफाक रखता है। सुमीत शर्मा ने सलीम को हिंदुओं के पूर्वज सनातन धर्म के नायक भगवान राम का इतिहास बताते हुए कहा पिता के वचन का पालन पूरा करने के लिए सत्ता का सिंहासन छोड़ा और 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। छोटा भाई लक्ष्मण उनके साथ गया। भरत ने गद्दी में बैठना स्वीकार नहीं किया बल्कि बड़े भाई के चरण पादुका को सत्ता के सिंहासन में रख आदर्श मिशाल पेश की। रावण से लड़ाई के पहले राम ने वंचितों उपेक्षितों की सेना बनाई लेकिन किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया। सत्य की विजय के लिए धर्म की नहीं बल्कि नीति और सत्य की जरूरत है। सत्ता में बने रहने के लिए खून खराबा करने वाले मुगल शासकों की बजाय भगवान राम का वीडियो शेयर करने की सलाह देते हुए भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत ने कहा जिनकी पृष्ठ भूमि सही ना हो उनका इतिहास जनता को नहीं बताना चाहिए

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